
सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर भड़के योगेंद्र यादव, बोले – आप उनको ले जा सकते हैं लेकिन..
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद इस कार्रवाई का लगातार विरोध हो रहा है। अब राजनीतिक एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को शर्मनाक, कायरतापूर्ण और गैरकानूनी करार दिया है।
योगेंद्र यादव ने कहा, “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक, कायरतापूर्ण और गैरकानूनी है। ऐसे में युवाओं और स्टूडेंट्स ने फैसला किया है कि आप सोनम वांगचुक को ले जा सकते हैं, लेकिन आप युवाओं की भावनाओं और उनके जोश को नहीं तोड़ सकते। वे अपने संघर्ष के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बावजूद भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “दीपके ने कमान संभाल ली है। सरकार को लगता है कि ऐसा करने से 20 तारीख का मार्च खत्म हो जाएगा, लेकिन युवाओं ने तय किया है कि मार्च होकर रहेगा। पार्लियामेंट मार्च होकर रहेगा।”

‘उस आदमी को उसकी मर्जी के खिलाफ घसीटकर ले गए’ :
योगेंद्र यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कायरतापूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई को छिपाने के लिए सफेद चादरों को पर्दे की तरह इस्तेमाल किया गया और फिर सोनम वांगचुक को उनकी मर्जी के खिलाफ घसीटकर ले जाया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस को पर्दे के पीछे छिपने की जरूरत पड़ना ही बताता है कि पूरी कार्रवाई कितनी शर्मनाक थी। योगेंद्र यादव ने इसे गैरकानूनी बताते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश में कहीं भी यह नहीं लिखा था कि सोनम वांगचुक को जबरदस्ती ले जाया जा सकता है या उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि किसी डॉक्टर की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि सोनम वांगचुक के वाइटल साइन लगातार कम हो रहे थे।
सोनम वांगचुक की पत्नी ने भी मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल :
वहीं, इस मामले पर एबीपी न्यूज से बातचीत में सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि ने भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खास तौर पर पोटैशियम लेवल को लेकर दोबारा ब्लड टेस्ट कराने की मांग की है। डॉ. गीतांजलि ने अस्पताल की रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज किए जाने की मांग भी की है।






