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‘जब तक सिस्टम नहीं बदलेगा, तब तक…’ पेपर लीक बिल पास होने पर बोले राहुल गांधी

एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास, राहुल गांधी ने उठाए सवाल : संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में पेश किया गया एंटी पेपर लीक बिल सदन से पास हो गया। बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिल की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी का कहना है कि इस बिल में ऐसा कोई ठोस प्रावधान नहीं है, जिससे पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोकने की गारंटी मिले।

राहुल गांधी बोले- यह असल में एंटी पेपर लीक बिल नहीं :

बिल के लोकसभा से पारित होने के बाद 29 जुलाई 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। उनके मुताबिक, पेपर लीक रोकने के लिए मौजूदा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव करने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य पेपर लीक को रोकना नहीं, बल्कि समस्या पर केवल कार्रवाई का दिखावा करना है। उन्होंने दावा किया कि जब तक सिस्टम में बदलाव नहीं किया जाएगा, तब तक पेपर लीक की घटनाएं जारी रह सकती हैं।

‘सिस्टम में बदलाव जरूरी’ :

राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए केवल कानून में सजा का प्रावधान बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने व्यवस्था में ऐसे बदलाव की जरूरत बताई, जिससे परीक्षा से जुड़ी गोपनीयता और सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब तक पेपर लीक के मामलों में कितने लोगों को दोषी ठहराया गया है। राहुल गांधी के अनुसार, समस्या का स्थायी समाधान सिस्टम में बदलाव से ही संभव है।

RSS को लेकर भी राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना :

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कथित प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से RSS को बाहर करने की बात कही। साथ ही उन्होंने उन कुलपतियों को हटाने की मांग की, जिन्हें उनके अनुसार RSS की ओर से नियुक्त किया गया है।

राहुल गांधी ने एंटी पेपर लीक बिल को इसी मुद्दे से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि यह कानून असली समस्या को दूर करने के बजाय RSS को बच निकलने का रास्ता देता है।

सरकार और विपक्ष के बीच जारी है मतभेद :

एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद संसद में चर्चा के दौरान भी सामने आए। सरकार की ओर से बिल को पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम बताया गया, जबकि विपक्ष की ओर से इसके प्रावधानों और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए गए।

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