खबरेंवायरल

‘खेल का मतलब सिर्फ मेडल जीतना नहीं’, खेलो इंडिया डायलॉग में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 27 अगस्त को Khelo India Dialogue के दौरान देश के युवाओं और खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ पदक जीतने या चैंपियन बनने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्ति में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और मुश्किल परिस्थितियों से दोबारा उठने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि एक स्वस्थ समाज और बेहतर कार्य संस्कृति के लिए खेल भावना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में योगदान देने की अपील की।

Modi

हर जिले में छिपी है खेल प्रतिभा :

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। उनके मुताबिक, हर जिले में अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी पहचान बनाने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रतिभा को पहचानकर उसे सही प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना जरूरी है। इसके लिए देश में आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

ओलंपिक में ज्यादा खेलों में भागीदारी की जरूरत :

पीएम मोदी ने भारत की ओलंपिक भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि देश कई खेलों में अभी भी हिस्सा नहीं लेता है। उन्होंने इसे भारतीय खेलों के सामने मौजूद चुनौतियों में से एक बताया।

उन्होंने 2012 ओलंपिक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान भारत ने 13 खेलों की स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था, जबकि कई अन्य खेलों में देश की भागीदारी नहीं थी।

सर्फिंग से लेकर क्लाइंबिंग तक बढ़ाने होंगे अवसर :

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास अलग-अलग खेलों के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां मौजूद हैं। देश की लंबी समुद्री तटरेखा और बड़े पर्वतीय क्षेत्र वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों के लिए अवसर पैदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों के लिए भी मजबूत ट्रेनिंग और प्रतियोगिता का इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत है।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट :

पीएम मोदी ने बताया कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानने के लिए बड़े स्तर पर टैलेंट हंट शुरू करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि किसी बच्चे की रुचि किस खेल में है। इसके साथ यह पहचानना भी जरूरी है कि उसकी क्षमता और शारीरिक विशेषताएं किस खेल के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं। इसके आधार पर बच्चों को प्रशिक्षण देने की बात प्रधानमंत्री ने कही।

सरकार ने आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता जताई :

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप देश में आधुनिक खेल व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं और सरकार का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

‘खेल हमें गिरकर फिर उठना सिखाता है’ :

प्रधानमंत्री ने खेल भावना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल व्यक्ति को सिर्फ जीतना नहीं सिखाता, बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनने की क्षमता भी देता है।

उन्होंने कहा कि मैदान पर हार और जीत दोनों का सामना करना पड़ता है। खेल के जरिए बच्चों और युवाओं में गिरने के बाद दोबारा उठकर प्रयास करने और चुनौतियों का सामना करने का जज्बा विकसित होता है।

यह भी पढ़ें : फैमिली को मुश्किलों से बचाने के लिए करें BJP Join की धमकी, छात्र आंदोलन के दौरान आरोप लगा बोले दीपके

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker