
TMC के बागी सांसदों को झटका, बंगाल के निकाय चुनाव को लेकर BJP का बड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल में आगामी निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य के मुताबिक, भाजपा कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ राज्य में गठबंधन की संभावना को फिलहाल खारिज कर दिया है।
NCPI के साथ गठबंधन पर BJP का क्या रुख :
NCPI में टीएमसी के कई बागी सांसद शामिल हुए हैं। पार्टी खुद को बीजेपी नेतृत्व वाले NDA का हिस्सा बताती रही है और उसके नेताओं की ओर से निकाय चुनाव में भाजपा के साथ तालमेल की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बंगाल भाजपा ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है।
प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर किसी राजनीतिक दल के साथ समझ या गठबंधन होने का मतलब यह नहीं है कि पश्चिम बंगाल में भी वही समीकरण लागू होंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा का कोई गठबंधन सहयोगी नहीं है और पार्टी कोलकाता तथा हावड़ा में अपने संगठन के दम पर चुनाव लड़ेगी।

कोलकाता और हावड़ा में बड़ी चुनावी परीक्षा :
विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में होने वाला निकाय चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला होगा। खासतौर पर कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) के चुनाव पर सभी की नजरें रहेंगी।
परिसीमन के बाद दोनों नगर निगमों के वार्ड ढांचे में बदलाव प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, KMC में वार्डों की संख्या 144 से बढ़कर 209 और हावड़ा में 50 से बढ़कर 68 हो सकती है। इससे कई इलाकों में मतदाता और राजनीतिक समीकरण भी बदल सकते हैं।
विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन से BJP का उत्साह :
भाजपा नेताओं ने विधानसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कोलकाता में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर अपनी स्थिति रखी है। KMC चुनाव की तैयारी देख रहे भाजपा नेता ऋतेश तिवारी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में कोलकाता की कई सीटों पर भाजपा को समर्थन मिला और अब पार्टी नगर निगम के सभी प्रस्तावित वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, निकाय चुनाव में विधानसभा चुनाव के नतीजे किस तरह प्रभाव डालेंगे, यह चुनाव के दौरान मतदाताओं के रुझान और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा।
NCPI नेताओं ने जताई थी गठबंधन की संभावना
दूसरी ओर, NCPI के नेताओं ने पहले भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना जताई थी। NCPI नेताओं का कहना रहा है कि उनकी पार्टी NDA का हिस्सा है और इसी आधार पर निकाय चुनाव में भाजपा के साथ तालमेल हो सकता है।
हालांकि, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह राज्य में किसी सहयोगी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं कर रही है।
परिसीमन से बदलेगा चुनावी गणित :
कोलकाता और हावड़ा नगर निगमों में प्रस्तावित परिसीमन से कई वार्डों की सीमाएं और मतदाता संरचना बदल सकती है। ऐसे में पार्टियों के लिए बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करना और नए इलाकों में चुनावी तैयारी करना अहम होगा।
भाजपा ने कोलकाता और हावड़ा चुनाव के लिए अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी भी दी है। पार्टी की तैयारियों में स्थानीय मुद्दों, शहरी सुविधाओं और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बंगाल में नए राजनीतिक समीकरणों पर नजर :
NCPI की ओर से भाजपा के साथ संभावित तालमेल के संकेत और बंगाल भाजपा की ओर से अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा ने निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है।
फिलहाल भाजपा ने कोलकाता और हावड़ा में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात कही है, जबकि NCPI की ओर से गठबंधन की संभावना को लेकर पहले अलग संकेत दिए गए थे। ऐसे में चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीटों और गठबंधन को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर रहेगी।






