
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भड़कीं स्वाति मालिवाल, दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना
नई दिल्ली : NEET परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस नेता और संसदीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग किए जाने के बाद राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर छात्रों के भविष्य जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षा समिति की जिम्मेदारी निभाने की दी सलाह :
स्वाति मालिवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह स्वयं भी संसदीय शिक्षा समिति की सदस्य हैं और पिछले कई दिनों से समिति की बैठकों और कार्यों पर नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा समिति का उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है, लेकिन समिति के अध्यक्ष होने के बावजूद दिग्विजय सिंह लगातार केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब लाखों छात्र और उनके परिवार परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंतित हैं, नेताओं को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

सरकार ने उठाए कई बड़े कदम : मालिवाल
मालिवाल ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने NEET पेपर लीक मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संसद में सख्त एंटी-पेपर लीक कानून भी पारित किया गया है। उनके अनुसार सरकार की नीति ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में छात्रों के साथ अन्याय न हो।
कांग्रेस पर लगाया दोहरे रवैये का आरोप :
स्वाति मालिवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से इस मुद्दे को हवा दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान भी कई राज्यों में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे, लेकिन उस समय पार्टी ने इतनी आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं दिखाई। मालिवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह को पहले अपने कार्यकाल और कांग्रेस सरकारों के रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी का किया जिक्र :
अपने बयान में मालिवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। उन्होंने दिग्विजय सिंह से अपील की कि वे छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय रचनात्मक सुझाव दें और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच छात्रों की चिंता बरकरार :
NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता लगातार बनी हुई है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां कांग्रेस शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं भाजपा और उसके समर्थक नेताओं का कहना है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।






