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ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल, नहीं तो बाद में पड़ेगा पछताना

कोरोना महामारी भारत में एक बार फिर अपने पैर पसार चुकी है। संक्रमण के दूसरी दौर के कारण आम जनता को भारी नुकसान पहुंच रहा है. कोरोना इस बार एक नई मुसीबत अपने साथ ले आया है और वह है ऑक्सीजन की किल्लत। अस्पतालों में बेड के साथ साथ ऑक्सीजन की भी कमी आ चुकी है ऐसे में डॉक्टर सलाह दे रहे है कि हम अपने घर में ही ऑक्सीजन यूनिट लगा कर इलाज करे। मगर उससे पहले आपको कई चीजों का ध्यान देना है। आइए जानते हैं ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बारीकियों के बारे में।

कितने लीटर की कैपेसिटी है जरूरी :

बता दे कि ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर सिलेंडर या कंसंट्रेटर की खरीद करने से पहले आपको ये ध्यान रखना चाहिए कि मरीज को कितनी लीटर ऑक्सीजन की जरूरत है। कंसंट्रेटर की कैपेसिटी आपकी जरूरत से ज्यादा होनी चाहिए। जानकारों के अनुसार, 90 प्रतिशत से ज्यादा प्योरिटी के साथ 5 लीटर वाला कंसंट्रेटर 3 लोगों की छोटी फैमिली के लिए सही कैपेसिटी है।

इतनी कीमत है सही :

हालांकि अगर इस पूरे उपकरण की कीमत की बात करे तो डिमांड में उछाल के चलते यह कीमत काफी बढ़ चुकी है। फिलहाल ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 8 से 20 हजार रुपए के बीच है जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत 40 हजार रुपए से 90 हजार तक बताई जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की साल में 30 हजार से 40 हजार थी और मौजूदा समय में यह बढ़कर 30 हजार से 40 हजार प्रतिमाह हो गई है। वर्तमान में डेली 2 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की मांग हो रही है। आप अपनी सुविधा अनुसार पोर्टेबल या स्टेशनरी कंसंट्रेटर खरीद सकते है।

सिलेंडर से अधिक उपयोगी :

अगर बात करे कि सिलिंडर या कंसंट्रेटर में कौन बेहतर है, तो बता दे कि सिलेंडरों को बार-बार भरवाने की की जरूरत पड़ती है, जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चौबीसों घंटे सातों दिन काम कर सकते है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे उपकरणों का उपयोग डॉक्टरों या हेल्थ वर्कर की देखरेख में रोगियों की सुविधा के लिए जाना ठीक माना जाता है। वहीं ऑक्सीजन सिलिंडर मे रिसाव की संभावना होती है और इससे आग भी लग सकती है। मगर कंसंट्रेटर में ऐसी कोई दिक्कत नहीं है। बहरहाल, दिल्ली एम्स के चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने घर पर ऑक्सीजन का प्रयोग करने वालों को सावधानियां बरतने को कहा था। डॉक्टर के अनुसार, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 92 या 94 के बीच या उससे ज्यादा है तो उन्हें ऑक्सीजन की कोई जरुरत नहीं है। वहीं ऑक्सीजन 94 से कम है, तो आपको ऑक्सीजन लेवल को मॉनिटर करने की जरूरत है।

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