
किडनी के मरीजों को खुजली क्यों होती है, जानिए डॉक्टर की सलाह
किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसका मुख्य काम खून को छानना और शरीर से हानिकारक या ज़हरीले पदार्थों को बाहर निकालना होता है। जब किसी व्यक्ति की किडनी ठीक से काम नहीं करती, यानी उसकी कार्य क्षमता प्रभावित हो जाती है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।
इनमें से एक सामान्य लेकिन बहुत परेशान करने वाली समस्या है त्वचा में लगातार और तेज खुजली होना। यह केवल असुविधा नहीं है, बल्कि इसका असर जीवन की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को यूरेमिक प्रुरिटस या सीकेडी-एसोसिएटेड प्रुरिटस (CKD-associated pruritus) कहा जाता है। यह विशेष रूप से उन लोगों में देखी जाती है जिन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) है। खुजली की वजह से नींद में खलल, मानसिक तनाव और रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतें आ सकती हैं।
इसलिए किडनी की बीमारी और उससे जुड़ी त्वचा की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर की सलाह और उचित इलाज से इन परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किडनी के मरीजों को खुजली क्यों होती है :

किडनी का मुख्य काम :
- किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो खून को छानने का काम करती है और शरीर से हानिकारक पदार्थ (टॉक्सिन्स) निकालती है।
- यह शरीर में पानी, सोडियम, पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है।
- किडनी हार्मोन भी बनाती है, जो खून में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या और हड्डियों की सेहत को नियंत्रित करते हैं।
किडनी की कार्य क्षमता कम होने पर क्या होता है :
- जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो टॉक्सिन्स खून में जमा होने लगते हैं, जिसे यूरेमिया कहा जाता है।
- शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे थकान, कमजोरी और भूख में कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
- त्वचा और अन्य अंगों पर भी असर पड़ता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
त्वचा में खुजली (यूरेमिक प्रुरिटस) क्यों होती है :
- किडनी की कमजोरी से खून में टॉक्सिन्स और मिनरल्स असंतुलित हो जाते हैं।
- यह असंतुलन त्वचा की नसों और ऊतकों को प्रभावित करता है, जिससे लगातार खुजली होने लगती है।
- खुजली आमतौर पर रात में ज्यादा होती है और नींद में खलल डाल सकती है।
- कुछ मरीजों में खुजली इतनी तेज़ होती है कि रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी आती है।

कौन प्रभावित हो सकता है :
- यह समस्या मुख्य रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) वाले मरीजों में पाई जाती है।
- डायलिसिस पर रहने वाले लोग भी अक्सर इस खुजली का सामना करते हैं।
- कभी-कभी किडनी ट्रांसप्लांट के बाद भी कुछ लोगों को हल्की खुजली बनी रह सकती है।
खुजली के असर
- लगातार खुजली से नींद प्रभावित होती है, जिससे थकान और मानसिक तनाव बढ़ता है।
- खरोंचने से त्वचा पर जलन, लालिमा और कभी-कभी संक्रमण भी हो सकता है।
- लंबे समय तक अनदेखी करने पर त्वचा की सुरक्षा कम हो जाती है और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी बढ़ सकती हैं।
उपचार और रोकथाम
- डॉक्टर की सलाह से खुजली कम करने वाली दवाइयाँ या क्रीम का उपयोग।
- डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जैसी आवश्यक मेडिकल प्रक्रियाएँ।
- त्वचा को नम रखना और गर्म पानी से ज्यादा स्नान न करना।
- टॉक्सिन्स और मिनरल्स के स्तर को नियंत्रित करने के लिए खान-पान और दवा का ध्यान रखना।
- नियमित डॉक्टर चेकअप से किडनी की सेहत पर नजर रखना और शुरुआती लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना।






