स्वास्थ्य

45 डिग्री पार तापमान में चिलचिलाती धूप से बचाव, हीट स्ट्रोक से सुरक्षित रहने के जरूरी उपाय

इन दिनों गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी आने वाले दिनों में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है। ऐसे में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि तेज धूप और लू के बीच खुद को सुरक्षित रखना किसी चुनौती से कम नहीं है।

मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 36.9 डिग्री सेल्सियस माना जाता है, लेकिन जब आसपास का तापमान इससे काफी अधिक हो जाता है, तो शरीर गर्मी को सोखने लगता है। इस स्थिति में शरीर को संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक पसीना आता है, लेकिन कई बार यह प्रक्रिया पर्याप्त नहीं होती और शरीर का तापमान बढ़ने लगता है।

गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा काफी आम हो जाता है। जब शरीर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता, तो इसका असर कई जरूरी शारीरिक कार्यों पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सही समय पर सावधानी और बचाव बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि एक्सपर्ट्स के अनुसार किन उपायों से हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है।

हीट स्ट्रोक क्या होता है :

हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है, जो तब होती है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर उसे नियंत्रित नहीं कर पाता। सामान्य तौर पर मानव शरीर का तापमान लगभग 36.5 से 37 डिग्री सेल्सियस होता है, लेकिन जब बाहर का तापमान 40–45 डिग्री या उससे अधिक हो जाता है, तो शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

इस स्थिति में शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है, लेकिन जब वातावरण बहुत गर्म और आर्द्र होता है, तो यह प्रक्रिया भी असरदार नहीं रहती। नतीजतन शरीर का तापमान बढ़ने लगता है और व्यक्ति को चक्कर, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी और गंभीर मामलों में बेहोशी तक हो सकती है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण :

हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है, ताकि समय रहते इलाज किया जा सके। इसके कुछ प्रमुख लक्षण हैं :

  • तेज बुखार या शरीर का अत्यधिक गर्म होना।
  • तेज सिरदर्द और चक्कर आना।
  • मितली या उल्टी महसूस होना।
  • त्वचा का लाल और गर्म होना।
  • पसीना कम आना या बिल्कुल बंद हो जाना।
  • दिल की धड़कन तेज होना।
  • बेहोशी या भ्रम की स्थिति।

हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय :

भीषण गर्मी में थोड़ी सी सावधानी आपकी सेहत को बड़ा नुकसान होने से बचा सकती है। नीचे कुछ जरूरी उपाय दिए गए हैं :

1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं :

गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी भी फायदेमंद होते हैं।

2. हल्के और ढीले कपड़े पहनें :

सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी कम महसूस होती है। टाइट कपड़ों से बचना चाहिए।

3. धूप में बाहर निकलने से बचें :

दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचें या जरूरी हो तो छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें।

4. हल्का और ताजा भोजन करें :

भारी और तला-भुना खाना शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है। इसलिए फल, सलाद और हल्का भोजन करें।

5. शरीर को ठंडा रखें :

ठंडे पानी से नहाना या समय-समय पर चेहरे और हाथ-पैरों पर पानी डालना शरीर को ठंडक देता है।

6. शराब और कैफीन से बचें :

गर्मी के मौसम में शराब और ज्यादा कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाना बेहतर है।

निष्कर्ष :

45 डिग्री से अधिक तापमान में हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है, लेकिन सही सावधानियों के साथ इससे बचा जा सकता है। शरीर को हाइड्रेट रखना, धूप से बचना और सही खान-पान अपनाना इस मौसम में सबसे जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रख सकती है।

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