स्वास्थ्य

लंच से जुड़ी ये गलतियां बिगाड़ देती हैं सेहत, जानें सुधार के तरीके

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सुबह का नाश्ता अक्सर जल्दी-जल्दी या अधूरा कर लेते हैं, इसलिए वे दोपहर के भोजन को दिन का सबसे सुरक्षित और भरपेट मील मान लेते हैं। लेकिन सच यह है कि लंच में की गई छोटी-सी गलती भी धीरे-धीरे सेहत पर बड़ा असर डालती है। दोपहर का भोजन सीधे आपके मेटाबॉलिज्म, पाचन, वजन और पूरे दिन की एनर्जी लेवल को प्रभावित करता है।

अगर लंच बहुत भारी हो, प्लेट असंतुलित हो या इसे गलत समय और तरीके से खाया जाए, तो इसका असर गैस, एसिडिटी, पेट में सूजन, थकान और सुस्ती के रूप में महसूस होने लगता है। कई लोग सोचते हैं कि दोपहर में ज्यादा खाना कमजोरी को दूर रखता है, जबकि वास्तव में जरूरत से ज्यादा रोटी, सब्जियों की बड़ी मात्रा और प्रोटीन की कमी शरीर पर उल्टा प्रभाव डालती है।

इसलिए जरूरी है कि लंच न तो बहुत भारी हो और न ही बहुत हल्का। संतुलित थाली—जिसमें कार्ब्स, प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर सभी शामिल हों जो आपको दिनभर एक्टिव और एनर्जेटिक बनाए रखती है।

Food Eating Girl

लंच से जुड़ी आम गलत‍ियां :

कुछ लोग लंच के दौरान या खाना खत्म करते ही ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या फ्रिज का पानी पी लेते हैं। ऐसा करने से पाचन तंत्र की गर्माहट कम हो जाती है, जिसे आयुर्वेद में पाचन अग्नि कहा जाता है। जब यह अग्नि कमजोर पड़ती है, तो खाना ठीक से टूट नहीं पाता और अपच, भारीपन व गैस जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए कोशिश करें कि लंच के साथ ठंडे पेय से बचें और यदि पानी पीना ही हो, तो हल्का सामान्य या गुनगुना पानी लें।

इसके अलावा, ऑफिस के काम, मीटिंग्स या समय की कमी के कारण कई लोग लंच बहुत जल्दी-जल्दी खा लेते हैं। तेज गति से खाने से भोजन ठीक से चबाया नहीं जाता, जिससे पाचन पर और दबाव पड़ता है। इसका परिणाम एसिडिटी, गैस, पेट फूलना, डकारें और अपच के रूप में सामने आता है। धीरे-धीरे और ध्यानपूर्वक खाना न सिर्फ पाचन को सुधारता है, बल्कि दिमाग को संतुष्टि का संकेत भी देता है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम हो जाती है।

लंच की एक और सामान्य गलती है थाली में प्रोटीन शामिल न करना। कई लोग सिर्फ रोटी-सब्जी या चावल-सब्जी खाकर ही लंच को पूरा मान लेते हैं, जबकि प्रोटीन शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कार्ब्स या फाइबर। लंच में प्रोटीन न होने से बार-बार भूख लगती है, कमजोरी महसूस होती है और मसल्स की मजबूती भी प्रभावित होती है। इसलिए कोशिश करें कि दाल, पनीर, दही, चना, राजमा, अंडा या कोई भी अच्छा प्रोटीन स्रोत रोजाना के लंच में जरूर शामिल करें। इससे ऊर्जा स्थिर रहती है और शरीर लंबे समय तक एक्टिव महसूस करता है।

लंच में की गई गलत‍ियों को कैसे सुधारें :

एक या दो रोटी ही खाएं :
लंच में सिर्फ एक या दो रोटी खाना हेल्‍दी माना जाता है। इससे शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है, लेकिन वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता।

छोटी कटोरी सब्जी खाएं :

छोटा बाउल सब्‍जी लेने से पाचन सही रहता है और पेट पर लोड नहीं पड़ता। सब्जी पोषक तत्व देती है, लेकिन मात्रा संतुलित होनी चाहिए।

एक छोटी कटोरी सलाद जरूर खाएं :

लंच में एक छोटा बाउल सलाद को जोड़ने से फाइबर मिलता है, पाचन सुधरता है और पेट देर तक भरा रहता है। इससे ओवरईटिंग भी नहीं होती।

 प्रोटीन जरूर जोड़ें :

अगर आप ऑफिस में लंच करते हैं, तो ग्रीक योगर्ट एक सुविधाजनक और हेल्दी विकल्प हो सकता है। इसे ले जाना आसान होता है और यह प्रोटीन से भरपूर होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा रखता है। ऑफिस के व्यस्त शेड्यूल में यह एक क्विक, हल्का और पौष्टिक ऐड-ऑन की तरह काम करता है।

वहीं, अगर आप घर पर हैं, तो पनीर प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है। यह मसल्स की मजबूती बढ़ाने, ऊर्जा बनाए रखने और शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड देने में मदद करता है। लंच में थोड़ी मात्रा में पनीर शामिल करने से भोजन संतुलित होता है और पूरे दिन एक्टिवनेस बनी रहती है।

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