स्वास्थ्य

क्या पूरा दिन ब्लोअर में रहना बच्चों के लिए सेफ होता है, जानिए डॉक्टर की सलाह

आजकल बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती गर्मी या सर्दी के कारण घरों में ब्लोअर, पंखा या एसी का इस्तेमाल आम हो गया है। कई बार बच्चे पूरा दिन ब्लोअर की हवा में ही रहते हैं, ऐसे में माता-पिता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है या नहीं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक सीधे ब्लोअर की हवा में रहना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं।

ब्लोअर क्या होता है और इसका इस्तेमाल क्यों बढ़ा है :

ब्लोअर एक ऐसा उपकरण है जो तेज गति से गर्म या ठंडी हवा फेंकता है। सर्दियों में रूम हीटर ब्लोअर और गर्मियों में कूलर या एसी का ब्लोअर मोड आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों को आराम देने के लिए कई माता-पिता उन्हें लगातार ब्लोअर के सामने बैठा या सुला देते हैं।

बच्चों पर ब्लोअर की हवा का असर :

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की त्वचा, नाक और इम्यून सिस्टम बड़ों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होती है। लंबे समय तक ब्लोअर की सीधी हवा में रहने से :

    • त्वचा रूखी हो सकती है, जिससे खुजली या रैशेज की समस्या हो सकती है।
    • नाक और गले में सूखापन आ सकता है, जिससे सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ता है।
    • आंखों में जलन और ड्रायनेस की समस्या हो सकती है।
    • छोटे बच्चों में सांस से जुड़ी परेशानी भी देखी जा सकती है।
  •  

क्या पूरा दिन ब्लोअर में रहना सुरक्षित है :

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को पूरा दिन ब्लोअर की सीधी हवा में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। खासकर नवजात और छोटे बच्चों के लिए यह और भी ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। लगातार आर्टिफिशियल हवा में रहने से शरीर का नेचुरल टेम्परेचर बैलेंस बिगड़ सकता है और बार-बार बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

बच्चों को ब्लोअर से कैसे रखें सुरक्षित :

अगर ब्लोअर का इस्तेमाल जरूरी हो, तो कुछ सावधानियां अपनाकर बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है:

      • ब्लोअर की हवा सीधे बच्चे पर न डालें
      • कमरे में नमी बनाए रखें, खासकर सर्दियों में
      • बीच-बीच में नेचुरल हवा का भी संपर्क दें
      • बच्चे को पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिलाएं
      • सोते समय ब्लोअर को कम स्पीड या टाइमर पर रखें

डॉक्टर से कब संपर्क करें :

अगर बच्चे को बार-बार सर्दी, खांसी, त्वचा में खुजली, सांस लेने में दिक्कत या आंखों में जलन की शिकायत हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। यह संकेत हो सकते हैं कि ब्लोअर की हवा बच्चे को सूट नहीं कर रही।

निष्कर्ष :

पूरा दिन ब्लोअर में रहना बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। जरूरत पड़ने पर सीमित समय और सही तरीके से ब्लोअर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन बच्चों को नेचुरल हवा और आरामदायक वातावरण देना ज्यादा बेहतर है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों की सलाह मानना और संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है।

यह भी पढ़ें : बच्चे के दिल को रखना है हेल्दी तो अपनाएं ये खास टिप्स

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button