स्वास्थ्य

गैस की समस्या बन रही है माइग्रेन की वजह, डॉक्टर से जानें दोनों के बीच का कनेक्शन

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सिरदर्द और गैस की समस्या बहुत आम हो गई है। कई लोग यह महसूस करते हैं कि जब पेट में गैस, अपच या एसिडिटी होती है, तब माइग्रेन का दर्द भी बढ़ जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गैस की समस्या माइग्रेन की वजह बन सकती है? डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन दोनों के बीच गहरा संबंध हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं।

Migraine in Hindi

माइग्रेन क्या है :

माइग्रेन एक प्रकार का तेज और बार-बार होने वाला सिरदर्द है, जो अक्सर सिर के एक हिस्से में होता है। इसके साथ मतली, उल्टी, रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। माइग्रेन का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन हार्मोनल बदलाव, तनाव, नींद की कमी और खानपान से इसका गहरा संबंध माना जाता है।

गैस की समस्या क्या होती है :

गैस की समस्या तब होती है जब पाचन सही तरीके से नहीं हो पाता। इसके कारण पेट में भारीपन, जलन, डकार, पेट फूलना और कभी-कभी सीने में दर्द भी हो सकता है। तला-भुना खाना, ज्यादा मसाले, अनियमित खानपान और तनाव गैस की समस्या को बढ़ा सकते हैं।

गैस और माइग्रेन के बीच क्या है कनेक्शन :

डॉक्टरों के अनुसार, पेट और दिमाग के बीच एक खास संबंध होता है, जिसे गट-ब्रेन कनेक्शन कहा जाता है। जब पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तो इसका असर नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है।

    • गैस और एसिडिटी की वजह से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है।
    • पाचन खराब होने पर सेरोटोनिन जैसे केमिकल्स का संतुलन बिगड़ सकता है, जो माइग्रेन से जुड़ा होता है।
    • पेट की परेशानी तनाव को बढ़ाती है, और तनाव माइग्रेन का एक बड़ा कारण माना जाता है।

किन लोगों में ज्यादा दिखता है यह संबंध :

      • जो लोग लंबे समय से अपच या एसिडिटी से परेशान रहते हैं
      • अनियमित समय पर खाना खाने वाले लोग
      • ज्यादा चाय, कॉफी या जंक फूड लेने वाले
      • तनाव और चिंता से जूझ रहे लोग

इन लोगों में गैस और माइग्रेन एक-दूसरे को बढ़ा सकते हैं।

Migraine in Hindi

गैस कंट्रोल करने से माइग्रेन में कैसे मिल सकती है राहत :

अगर गैस की समस्या को कंट्रोल किया जाए, तो कई मामलों में माइग्रेन की तीव्रता कम हो सकती है:

      • हल्का और सुपाच्य भोजन करें
      • समय पर खाना खाएं और ज्यादा देर भूखे न रहें
      • पर्याप्त पानी पिएं
      • तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन कम करें
      • योग, प्राणायाम और हल्की एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

अगर माइग्रेन का दर्द बार-बार हो रहा है, बहुत तेज है या गैस की समस्या के साथ लगातार बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही जांच और इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

गैस की समस्या और माइग्रेन के बीच सीधा और गहरा संबंध हो सकता है। खराब पाचन न केवल पेट बल्कि दिमाग को भी प्रभावित करता है। इसलिए स्वस्थ पाचन और संतुलित जीवनशैली अपनाकर माइग्रेन की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। फिर भी, किसी भी गंभीर समस्या में डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी है।

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