बॉलीवुड

करीना कपूर खान के लाडले तैमूर की नैनी को मिलती है इतनी सैलरी, आपकी सोच से है कहीं परे

किसी बड़े मल्टीनेशनल कंपनी में अगर कोई व्यक्ति जॉब कर रहा हो तो उसकी सैलरी कितनी होती है जिस पर कि वह गुमान कर सके। अच्छी सैलरी पानी का यह मतलब है कि उसके साल भर की कमाई उसके खर्च से कहीं ज्यादा हो। परंतु अगर किसी इंसान को बड़ी कंपनी में नौकरी करने और वहां वेतन पाने का गुमान हो तो उनके गुमान को पल भर में यह खबर तोड़ सकती है। जरा सोचिए अगर कोई इंसान किसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम नहीं करती फिर भी उसकी सैलरी इतनी है कि बड़े-बड़े मल्टीनेशनल कंपनी वाले उसके सामने फीके पकवान की तरह हो जाए तो आप क्या कहेंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं सैफ अली खान और करीना कपूर के छोटे नवाब तैमूर की नैनी की।

अच्छी खासी है सैलरी :

जब तैमूर की नई सैलरी के बारे में हम आपसे बात कर रहे हैं तो यह खबर पढ़ने के दौरान ही कई लोगों ने आकलन करना शुरू कर दिया होगा कि तैमूर की नैनी की सैलरी कितनी होगी कुछ लोगों ने तो उनकी सैलरी बता भी दी होगी परंतु आप लोगों के सोच से परे है उनकी सैलरी और उनकी सैलरी के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

पूरे दिन संभालने के लिए मिलती है इतनी सैलरी :

सैफ अली खान और करीना कपूर के लाड़ले तैमूर अली खान जोकि इतनी कम उम्र में ही किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। उनकी देखरेख के लिए सैफ और करीना ने एक नैनी रखा है, और तैमूर की देखरेख के लिए भारी-भरकम रकम अदा करते हैं करते हैं। जिस तरह तैमूर आम बच्चे की तरह नहीं हैं बल्कि वह एक स्टार किड है ठीक उसी तरह उनकी नैनी भी आम नहीं है हल्की स्टार नैनी हैं। अगर सैलरी की बात करें तो तैमूर की नैनी को तकरीबन सैलरी के रूप में डेढ़ लाख (इंटरनेट सर्च पर आधारित) मिलते हैं इसके साथ-साथ उनको ओवरटाइम का भी चार्ज दिया जाता है।

पर्सनल गाड़ी है नैनी के पास

इतना ही नहीं तैमूर की नैनी को एक पर्सनल गाड़ी भी मिली हुई है। गाड़ी इसलिए मिली हुई है कि जब भी तैमूर को कहीं घूमने का मन हो तो उनकी नैनी उन्हें उस गाड़ी से ले जा सके। इसीलिए अक्सर तैमूर अपनी नैनी के साथ पैपराजी के आसपास एक से एक पोज देते दिख जाते हैं। तैमूर नवाब के बेटे हैं तो उनके ठाठ भी नवाबी ही रहेंगे।

यह भी पढ़े : आखिर क्यों शाहरुख खान नहीं करते अक्षय कुमार के साथ काम, एक्टर ने बताई पूरी कहानी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button