दिलचस्प

इस मासूम सी लड़की की हैंड राइटिंग देख कर तो सच में कंप्यूटर भी शरमा जाए, मानी जाती है दुनिया की सबसे सुंदर हैंड राइटिंग

देश हो या विदेश, दुनिया में कहीं भी टैलेंट नहीं छुप सकता अगर आप में टैलेंट है तो उसे कोई नहीं दबा सकता। इतना ही उस टैलेंट को दबाया जाएगा वह टैलेंट निखर कर बाहर आ जाता है। ना तो टैलेंट का कोई धर्म होता है ना ही होता है मजहब और ना ही कोई उम्र होती है। हमारे भारत देश में भी टैलेंट की कोई कमी नहीं है, ठीक उसी प्रकार पूरे विश्व में टैलेंट की कोई कमी नहीं है।

टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती :

जमाना सोशल मीडिया का है अगर आप सोशल मीडिया पर देखें तो छोटे से छोटे बच्चे अपने टैलेंट से पूरी दुनिया में लोहा मनवा रहे हैं। अभी के समय में कंप्यूटर का ज्ञान बहुत जरूरी है, आज के जमाने में कंप्यूटर एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है कंप्यूटर की जानकारी होना हर बच्चे के लिए उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना कि और कोई विषय।

कोरोना की वजह से तो कंप्यूटर पर ज्ञान और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि इस दौर में हर जगह की पढ़ाई ऑनलाइन हो गई है। एक अच्छी पढ़ाई के लिए कंप्यूटर में अच्छी पकड़ होना किसी भी बच्चे के लिए इतना महत्वपूर्ण है जितना कि कोई और भी पढ़ाई। रही बात बच्चों में टैलेंट की तब आपको बता दें कि एक ऐसी बच्ची है जिसकी हैंडराइटिंग इतनी सुंदर है की कंप्यूटर की हैंडराइटिंग भी उसके सामने फीकी पड़ जाए।

प्रकृति मल्ला, जिन्हें सबसे सुंदर हैंडराइटिंग लिखावट के लिए जाना जाता है :

आप लोगों को विश्वास नहीं होगा पर नेपाल की रहने वाली प्रकृति मल्ला एक नन्ही सी प्यारी बच्ची है और अगर उसकी लिखावट आप देख लोगे तो आप यह डिसाइड नहीं कर पाओगे की वह किसी इंसान के द्वारा लिखा गया है या किसी कंप्यूटर के द्वारा। प्रकृति मल्ला की हैंडराइटिंग देखकर लगता है जैसे कि कंप्यूटर के द्वारा कोई प्रिंट आउट निकाला गया है। प्रकृति मल्ला फिलहाल आठवीं क्लास में पढ़ती है और वह सैनिक आवासीय महाविद्यालय से पढ़ाई कर रही है।

हर दिन करती थी 2 घंटे की प्रैक्टिस :

गांधी जी ने भी कहा था कि एक अच्छा पढ़ा लिखा इंसान तब तक अच्छा नहीं है जब तक कि उसकी लेखनी बहुत सुंदर ना हो। प्रकृति मल्ला की हैंडराइटिंग अच्छी होने की वजह से दूसरों पर अच्छा इंप्रेशन पड़ता है। प्रकृति मल्ला बचपन से ही हर दिन 2 घंटे हैंडराइटिंग की प्रैक्टिस करती थी। जब प्रकृति से इस बारे में पूछा गया कि उनकी हैंडराइटिंग इतनी प्यारी और सुंदर कैसे है तब प्रकृति मल्ला ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही अपने हैंडराइटिंग पर बहुत ही ज्यादा फोकस किया है और उसी मेहनत का नतीजा है कि उनकी हैंडराइटिंग इतनी अच्छी हो गई है।

यह भी पढ़ें : सिर्फ जोधा बाई से ही नहीं बल्कि इस बेगम से भी बादशाह अकबर को हुआ था पहली नजर में प्यार

Related Articles

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button