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शादी के दो हफ्ते बाद पति द्वारा ठुकराने पर भी नहीं टूटी हिम्मत, कड़ी मेहनत से आईएएस बनी यह महिला

Komal Ganatra Success Story : कहते है कि जिनके हौंसलों में ऊँचा उड़ने का दृढ संकल्प होता है, उन्हें कोई नहीं हरा सकता। फिर भले ही दुनिया कितनी भी कोशिश क्यों न करे, लेकिन ऐसे लोग कामयाबी हासिल करके ही रहते है। हालांकि कोशिशों को पूरा करने के लिए मुश्किलों का सामना जरूर करना पड़ता है, लेकिन आखिर में सफलता निश्चित ही मिलती है। बता दे कि कोमल गनात्रा नाम की महिला का जीवन भी हौंसलों से भरा हुआ है। जिसके पति ने शादी के दो हफ्ते बाद ही उसे ठुकरा दिया था। मगर आज वही कोमल गनात्रा आईएएस बन चुकी है। दरअसल कोमल यूपीएससी यानि संघ लोक सेवा आयोग का सपना तब से देख रही थी, जब वह महज चार साल की थी। बता दे कि आज के समय में यह शिक्षा भले ही साधारण लगती हो, लेकिन अस्सी के दशक में इसे काफी कठिन माना जाता था। खास करके ग्रामीण इलाकों में यह शिक्षा काफी मुश्किल मानी जाती थी।

 शादी के दो हफ्ते बाद

कोमल गनात्रा की कहानी : Komal Ganatra Success Story

गौरतलब है कि कोमल गुजरात के अमरेली जिले के शहर सावरकुंडला की रहने वाली है। आपको जान कर हैरानी होगी कि कोमल की दोस्तों को उनकी खुद की जिंदगी के फैसले लेने की इतनी आजादी नहीं थी, जितनी कोमल को मिली हुई थी। जी हां कोमल को हमेशा आजादी से जीने और अपनी राय खुल कर दूसरों के सामने रखने का खूब प्रोत्साहन दिया जाता था। शायद इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा भी किया हुआ था। जब कि उनकी बाकी दोस्तों को इतना पढ़ने और सोचने की आजादी नहीं थी। बता दे कि कोमल ने डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर मुक्त विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री हासिल की थी।

ससुराल वालों ने की थी दहेज की मांग :

वही जब कोमल यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, तब उनकी शादी न्यूजीलैंड में रहने वाले एक एनआरआई से तय हो गई। ऐसे में अपने परिवार के लिए कोमल ने आईएएस बनने के सपने को भुला दिया और शादी कर ली। यूँ तो कोमल की शादी एक शिक्षित परिवार में हुई थी, लेकिन फिर भी उन लोगों को शिक्षा का मतलब भी नहीं पता था। आपको जान कर हैरानी होगी कि कोमल के ससुराल वालों ने दहेज़ की मांग की और जब कोमल ने दहेज देने का विरोध किया, तब शादी के दो हफ्ते बाद ही उनके पति न्यूजीलैंड वापिस चले गए। जी हां न्यूजीलैंड जाने के बाद वह कभी वापिस नहीं लौटे। मगर इसके बावजूद भी कोमल ने हार नहीं मानी और उनके ज्ञान ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। हालांकि कोमल ने अपने पति को दोबारा वापिस पाने के लिए पुलिस और सरकार से मदद मांगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

 शादी के दो हफ्ते बाद

सिस्टम में बदलाव लाना चाहती है कोमल :

इस बारे में बात करते हुए कोमल ने कहा कि वह सरकारी सिस्टम में बदलाव लाना चाहती थी और ऐसा करने का उन्होंने दृढ संकल्प लिया। यहाँ तक कि एक वक्त पर आ कर उन्हें खुद इस बात का एहसास हो गया कि किसी ऐसे शख्स का पीछा करना जो उन्हें छोड़ कर चला गया, ये सही नहीं है। इससे केवल उनकी मानसिक शांति ही कम होगी। इसके बाद तो कोमल ने मानो यूपीएससी की परीक्षा पास करने की ठान ही ली थी और समाज की सभी बातों से दूर जाने के लिए कोमल भावनगर के गांव में रहने के लिए चली गई। जहाँ रह कर उन्होंने पांच हजार रूपये में सरकारी शिक्षक की नौकरी भी की।

आत्मविश्वास और दृढ संकल्प ने दिलाई कामयाबी :

हालांकि कोमल सामाजिक परिवर्तन भी लाना चाहती थी। जिसके लिए उन्होंने काफी संघर्ष भी किया। बता दे कि पैसे न होने के बावजूद भी कोमल ने मुंबई जैसे बड़े शहर में जा कर इम्तिहान दिया था। इसके इलावा कोमल ने चौथी बार सिविल सेवा की परीक्षा दी थी। जिसमें उन्होंने आल इंडिया में पांच सौ इक्यानवे का रैंक हासिल किया था। इसके बाद उन्हें आईआरएस का विभाग दिया गया। यूँ तो लाखों लोग अपनी नियति बदलने का सपना देखते है लेकिन उस सपने को सच करने की हिम्मत हर किसी में नहीं होती। मगर कोमल ने अपनी जिद्द और आत्मविश्वास से अपनी नियति को बदल कर रख दिया।

 शादी के दो हफ्ते बाद

दोस्तों आप कोमल की हिम्मत और उनके प्रयास देख कर क्या कहना चाहेंगे, इसका जवाब हमें जरूर दीजियेगा।

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